- चल, शाम को मिलते हैं, सिद्धांत और मनन को भी बोल देना। कहता हुआ साजिद उठ गया। - चल, शाम को मिलते हैं, सिद्धांत और मनन को भी बोल देना। कहता हुआ साजिद उठ गया।
उनका आचरण चाहें जैसा भी हो आख़िर उन पर लक्ष्मी की कृपा तो होती ही है। उनका आचरण चाहें जैसा भी हो आख़िर उन पर लक्ष्मी की कृपा तो होती ही है।
मुझे तो बस साबुत बिस्किट चाहिए मुझे तो बस साबुत बिस्किट चाहिए
दूसरे दिन दोनों पति-पत्नी ने शादी के हॉल में रॉयल एंट्री की। दूसरे दिन दोनों पति-पत्नी ने शादी के हॉल में रॉयल एंट्री की।
कैसा है उत्तम प्रदेश का सपना और कैसे संत हैं आप ? कैसा है उत्तम प्रदेश का सपना और कैसे संत हैं आप ?
पम्मी अपनी माँ को ढाढ़स बंधाने जा चुकी थी। उधर विक्की दो और ख़ून करने का मन बना चुका था। पम्मी अपनी माँ को ढाढ़स बंधाने जा चुकी थी। उधर विक्की दो और ख़ून करने का मन बना चु...